Baat bus itni si thi - 35 book and story is written by Dr kavita Tyagi in Hindi . This story is getting good reader response on Matrubharti app and web since it is published free to read for all readers online. Baat bus itni si thi - 35 is also popular in Moral Stories in Hindi and it is receiving from online readers very fast. Signup now to get access to this story.
बात बस इतनी सी थी - 35
Dr kavita Tyagi
द्वारा
हिंदी सामाजिक कहानियां
Four Stars
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विवरण
बात बस इतनी सी थी 35. कुछ दिनों बाद कंपनी की तरफ से मार्केटिंग के एक महत्वपूर्ण काम के लिए मुझे और मंजरी को एक साथ तीन दिन के टूर पर लखनऊ जाने का आदेश मिला । मुझे और मंजरी को इस आदेश का पालन करते हुए लखनऊ जाने में कोई आपत्ति नहीं थी । हालांकि हम दोनों ही अपने मन-ही-मन में खुश थे कि कंपनी के काम के बहाने हम दोनों को एक साथ रहने का मौका मिल रहा था । लेकिन हम दोनों में से किसी ने भी अपने दिल की उस खुशी को अपने चेहरे पर नहीं
माता-पिता की इकलौती संतान के रूप में कुल को आबाद रखने की जिम्मेदारी अपने कंधों पर ढोता हुआ मैं अपने जीवन के चालीस बसंत पार कर चुका था, किंतु अभी तक मु...
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