Amreen Khan stories download free PDF

सोने का पिंजरा - 24

by Amreen Khan

गाँव की रात.आसमान में चाँद की हल्की रोशनी और हवाओं में ठंडक. तालाब के किनारे से लेकर पहाडी तक ...

Shadows Of Love - 6

by Amreen Khan

शहर में दिन का उजाला था, लेकिन अजीब-सी खामोशी फैली हुई थी। अचानक, एयरपोर्ट, रेलवे स्टेशन और हाइवे के ...

Secrets of The Night - 4

by Amreen Khan
  • 246

धुंध और भारी खामोशी कमरे में और घनी होती चली गई. आईने पर चमकते अक्षर और तेज हो गए—क्या ...

सोने का पिंजरा - 23

by Amreen Khan
  • 378

पच्चीस साल बाद जब कबीर अपने राजसी महल से निकलकर अपने गाँव लौटा, तो हवाओं में एक अलग ही ...

Shadows Of Love - 5

by Amreen Khan
  • 540

शहर में दिन का उजाला था, लेकिन अजीब-सी खामोशी फैली हुई थी। अचानक, एयरपोर्ट, रेलवे स्टेशन और हाइवे के ...

सोने का पिंजरा - 22

by Amreen Khan
  • 520

सीन एक: हवेली का तहखानाकाली अंधेरी सुरंग में कबीर अकेला खडा था. हाथ में टॉर्च और दस्तावेज. टॉर्च की ...

सोने का पिंजरा - 21

by Amreen Khan
  • 519

एक. गरीबी का अंधेराकबीर का बचपन शहर की सबसे तंग गलियों में बीता. उसकी माँ बीमार थीं और पिता ...

सातवाँ दरवाज़ा, अतरंगी लुटेरे

by Amreen Khan
  • 678

साल दो हजार पच्चीस, दिल्ली की पुरानी गलियों में, जहाँ इतिहास की दीवारें अभी भी फुसफुसाती हैं, एक नई ...

सोने का पिंजरा - 20

by Amreen Khan
  • 714

हवेली की रात जैसे किसी अनजाने उत्सव से निकलकर गहरी खामोशी में बदल चुकी थी. सितारे आसमान पर टिमटिमा ...

Veer-Zaara

by Amreen Khan
  • (5/5)
  • 768

Veer Zara“मैं मर भी जाऊँ तो लोग कहेंगे कि एक हिंदुस्तानी ने पाकिस्तान से इतनी मोहब्बत की कि वह ...