प्रस्तावना यह ग्रंथ क्यों लिखा गया — और क्यों नहीं यह ग्रंथकिसी उत्तर की खोज में नहीं ...
धर्म की दुकान जो कहते हैं—“हम ही सत्य हैं,गुरु ही ब्रह्मा-विष्णु-महेश हैं,गुरु ही शास्त्र हैं,”वहीं से दुकान खुल ...
वेदान्त 2.0 मात्र एक दर्शन है — समझ।इसके अतिरिक्त कुछ नहीं।यहधर्म नहीं है,संस्था नहीं है,गुरु–समुदाय नहीं है,भगवान, देश, जाति, ...
भूमिकायह लेख किसी सरकार, शासन-तंत्र या राजनेताओं के विरुद्ध नहीं है।यह किसी संस्था को कमजोर करने या अविश्वास फैलाने ...
प्रस्तावनायह पुस्तक किसी को सही ठहराने या गलत सिद्ध करने के लिए नहीं लिखी गई। यह न जीवन को ...
. प्रस्तावना · Vedanta 2.0 भाग 23, अध्याय 32ज्ञान नहीं — दृष्टि बदलने का आमंत्रणVedanta 2.0 मनुष्य के ...
वेदान्त 2.0 भाग 22अध्याय.31ज्ञान योग की मूल धारा यह नहीं है कि अधिक जान लिया जाए, बल्कि यह देख ...
. वेदांत 2.0 भाग 21अध्याय 30भूमिकायह अध्याय मानव संबंधों के उन अदृश्य सत्यों को खोलता हैजिन्हें हम आँखों से ...
अध्याय 29भाग 20संपूर्ण आध्यात्मिक महाकाव्य — पूर्ण दृष्टा विज्ञानवेदांत 2.0 आपको क्या करना है?कुछ भी नहीं।सिर्फ समझना है।देखना है।जीना ...
अध्याय 28 :Vedānta 2.0 𝓐𝓰𝓎𝓪𝓣 𝓐𝓰𝓎𝓪𝓷𝓲-वर्ग धर्म संतुलन — मनुष्य और समाज का वेदांत---प्रस्तावना — वृक्ष और मनुष्य का ...