जो हो रहा है, अच्छा हो रहा हैकर्म से दृष्टा तकलेखक : Agyat Agyaniप्रस्तावना — पहला सारयह पुस्तक किसी ...
1. पुस्तक विवरण - Description Vedanta 2.0 : सत्य की पहली धड़कन सत्य कहाँ है - बाहर ...
शिक्षा स्मृति है, शास्त्र संकेत है, दृष्टि बोध है।जब मन कहता है—“कृष्ण ऐसे थे।”“बुद्ध ऐसे थे।”“राम ऐसे थे।”तो वह ...
0 — कर्ता का अंत, होना शेष0 केवल शांति नहीं है।0 केवल विचारों का रुक जाना नहीं है।0 केवल ...
उत्तर बेचने वाले गुरु और खोता हुआ प्रश्नआज आध्यात्मिक बाजार में एक विचित्र स्थिति दिखाई देती है—प्रश्न भी गुरु ...
इंसान का सम्मान करो, उसे भगवान मत बनाओ मनुष्य में दिव्यता का अंश अवश्य है। यदि "भगवान" का अर्थ ...
सपनों का बाज़ार और आत्म-विस्मृति: कोचिंग से गुरु तक, मौलिकता की हत्या का धंधा लेखक/शोधकर्ता: अज्ञात अज्ञानी (Agyat ...
विकास की असली परिभाषा: खोज और शोध (R&D) आज हजार लोग हजार बातें कर रहे हैं। हर कोई ...
जीवन के तीन स्तर और आध्यात्मिक ऊर्जा अस्तित्व की मूल प्रकृति तीन गुणों—सत्त्व, रज और तम—से समझी जा सकती ...
बचपन की मौलिकता और मौलिक प्रश्नों की मृत्यु (वेदांत 2.0 का एक दृष्टिकोण) मनुष्य जन्म के समय ...