"क्या शेख़ बाबा तक पैग़ाम पहुंचा दिया?" अम्मा साहब ने ऐवान सद्र में बैठे हुए सुरूर से पूछा"जी। वो ...
गहरे सन्नाटे के गुज़र जाने के बाद आज फिर मीरास महल में हुल्लड़ शुरू हो गई। मंत्रियों का आना ...
पुराने ज़ख्म ताजा होकर तकलीफ़देह बन जाते है। अम्मा साहब भी इस वक़्त उसी तकलीफ़ में थीं, लेकिन उनके ...
शाम ग़मग़ीन थी। महल में उदासी का सन्नाटा फैला हुआ था। बादलों की गरज की गूंज चारो तरफ़ चक्कर ...
SCENE 5.आसीगाह के कैदियों के बीच डॉक्टर हम्ज़ा का नया वजूद आ गया। वो किनारे बैठा हुआ शायद अपनी ...
"शेख़ बाबा हम्ज़ा की बहन आरामगाह में लाईं जा चुकीं है।" रुक्मणि ने उनके कमरे के दरवाज़े पर से ...
SCENE 3."इसमें मेरी बेटी की तज़लील क्यों हुई, उसकी क्या ग़लती थी?" रेड कोर्ट पर बैठे हुए कम रंगत ...
अम्हेल को आवाज़ देते देते मैथिली उसके कमरे की छत पर पहुंच गई "तुम्हें सर्दियों में क्यूं इस क़दर ...
रात कितनी ही घनी और गहरी हो, सुबह का सूरज तो निकलना ही है। हर रोज़ की तरह आज ...
शहर में चारो तरफ़ ठंड का सन्नाटा छाने लगा, सड़को पर गहरे अंधेरे ठंडे माहौल को और ठंडा करने ...