बाबा की आवाज़ सुनते ही जैसे विवेक को होश आया। उसने तुरंत अपनी जेब से मोबाइल निकाला। कुछ पल ...
अंधेरे में कहीं से अचानक... छन्न... पायल की आवाज़ आई। दोनों के चेहरे पर डर जम गया। और बाबा ...
उसकी आवाज़ भर्रा गई। “क्या तुम्हें कुछ भी याद नहीं आता मुझे देखकर?” फिर उसने अपना चेहरा उठाया। “देखो ...
अक्षय ने गाड़ी धीमी कर दी। उसकी धड़कन अचानक तेज़ हो गई। क्योंकि ये वही हवेली थी… जिसे उसने ...
इस हिस्से को उसी उपन्यास-जैसे अंदाज़ में, भावनाओं और अतीत के दर्द को थोड़ा और गहरा करते हुए आगे ...
आपके इस हिस्से को कहानी के प्रवाह, भावनाओं और रहस्य को बरकरार रखते हुए साहित्यिक हिंदी में ढाल दिया ...
समीर और विवेक भी अक्षय की चीख सुनकर हड़बड़ाकर उठ बैठे थे। दोनों तुरंत उसके पास पहुँचे। सामने अक्षय ...
ट्रेन अपनी पूरी रफ्तार से दौड़ रही थी और मेरा दिमाग भी उसी रफ्तार से अतीत की गलियों में ...
समीर ने सख्त आवाज में कहा. लेकिन तू अपनी हालत देख! तू अभी- अभी Hospital से लौटा है और ...
अक्षय धीरे- धीरे आगे बढा. फ्लैशलाइट की रोशनी उस चीज पर पडी. और दोनों के चेहरे का रंग उड ...