Nisha Choudhary stories download free PDF

बेटी की पुरानी साइकिल

by Nisha Choudhary
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जब 18 साल की अनाया ने शहर के बड़े कॉलेज जाने के लिए अपने पिता से कार की चाबी ...

वो अधूरी चाय और पूरा प्यार

by Nisha Choudhary
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सच्ची मोहब्बत चेहरे की खूबसूरती या खुशियों की मोहताज नहीं होती, वो तो मुश्किल वक्त में एक-दूसरे का हाथ ...

500 रुपये का फटा नोट और वो आखिरी बस

by Nisha Choudhary
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"बेटा, जब जेब में फूटी कौड़ी न हो और सामने अपनों की उम्मीदें खड़ी हों, तब या तो इंसान ...

ज़िंदगी का सच

by Nisha Choudhary
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क्या आपने कभी सोचा है कि जब इंसान अपनी ज़िंदगी के आखिरी पड़ाव पर खड़ा होता है, तो उसे ...

रोशनी की दस्तक - 3

by Nisha Choudhary
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भाग 3: सच्चा ज्ञान और असली धनसोनू के पिता की बात सुनकर चौपाल पर गहरा सन्नाटा छा गया। रघुनाथ ...

रोशनी की दस्तक - 2

by Nisha Choudhary
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भाग 2: नीम के पेड़ की छाँवरघुनाथ जी ने उस शाम सोनू को न केवल गणित का वह कठिन ...

खामोश दीवारें और एक रोशनी

by Nisha Choudhary
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एक सच्ची घटना पर आधारित कहानी..."यह कहानी समाज के उस कड़वे सच को दर्शाती है, जो एक औरत बंद ...

रोशनी की दस्तक - 1

by Nisha Choudhary
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भाग 1: अनदेखा दीयारघुनाथ जी की हवेलीनुमा पुरानी हवेली की दीवारें अब सिर्फ ख़ामोशी की गवाही देती थीं। ढलती ...

खामोशी के पीछे का सच

by Nisha Choudhary
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रात के 11:30 बज रहे थे। पूरे घर में गहरा सन्नाटा फैला हुआ था, और उस सन्नाटे को चीरती ...

पापा की पुरानी साइकिल

by Nisha Choudhary
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"बेटा, जब तक यह साइकिल चल रही है, तब तक तेरा बाप खड़ा है।" पिता के इन शब्दों की ...