RAAHULL SHARMA stories download free PDF

प्रतिशोध द घोस्ट ऑफ कोलकाता - 19

by RAAHULL SHARMA

अंकुर और पंखुड़ी अच्छी तरह समझ चुके थे कि इस चक्रव्यूह को गाड़ी में बैठकर पार करना नामुमकिन है।कातिल ...

1926 की अमावस की वो खौफनाक रात - 21

by RAAHULL SHARMA
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100 साल पुराना वह अभिमंत्रित ताला एक भयंकर धमाके के साथ टूट चुका था।चारों ओर काला धुआं फैल रहा ...

रोशनी जिंदगी की कैसी कशमकश - 19

by RAAHULL SHARMA
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मोहित की उलझन और रोशनी का रहस्यमोहित जो अब तक बड़े ध्यान से रोशनी की बातें सुन रहा था, ...

अवनि एक अटूट विश्वास - 18

by RAAHULL SHARMA
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वह काबिल-ए-तारीफ है। लेकिन सबसे अच्छी बात जानते हो क्या है? इतनी शोहरत के बाद भी वह बहुत ही ...

प्रतिशोध द घोस्ट ऑफ कोलकाता - 18

by RAAHULL SHARMA
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फोन कटने के बाद श्मशान घाट पर सन्नाटा इतना गहरा था कि किसी के सांस लेने की आवाज भी ...

1926 की अमावस की वो खौफनाक रात - 20

by RAAHULL SHARMA
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तहखाने की गूंज और रूपमती का बदला रूपदेवपुर के उस अंधेरे, सीलन भरे और सील किए गए गुप्त तहखाने ...

रोशनी जिंदगी की कैसी कशमकश - 18

by RAAHULL SHARMA
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लंच ब्रेक: खामोशी के पीछे का शोरलंच की घंटी बजते ही पूरी क्लास में एक अजीब सी हलचल मच ...

1926 की अमावस की वो खौफनाक रात - 19

by RAAHULL SHARMA
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उधर हजारों फीट की ऊंचाई पर आसमान को चीरता हुआ देवपुर के शाही परिवार का लग्जरी 'प्राइवेट जेट' भारत ...

प्रतिशोध द घोस्ट ऑफ कोलकाता - 17

by RAAHULL SHARMA
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चट्टोपाध्याय और अब्दुल कासिम का गुस्सा सातवें आसमान पर था।वे लगातार चिल्लाते हुए कमिश्नर भाटी, अंकुर और पंखुड़ी की ...

अवनि एक अटूट विश्वास - 17

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माँ: "चलो बेटा, हमारे साथ चलो। अब यहाँ रुकने का मतलब सिर्फ अपनी और बेइज़्ज़ती करवाना है।हमारी दिल्ली की ...