पहाड़ी पर मौत का सन्नाटा और कालू का अट्टहास गूँज रहा था।दीपक और अभिलाषा कांपते हुए कातिलों की भूमिका ...
जैसे-जैसे दिन बीत रहे थे, देवपुर राजमहल में काल का सन्नाटा और गहराता जा रहा था।एक-एक दिन भारी पत्थरों ...
अब्दुल हकीम, जो अब तक खामोश अपनी पुरानी रिवॉल्वर को सहला रहा था, अचानक आगे बढ़ा। उसने कांपते हाथों ...
मुन्ना मामा ने आदित्य के चेहरे पर छाई उलझन को पढ़ लिया। उन्होंने रिवॉल्वर का रुख स्टोर रूम की ...
हवेली की पहली झलकजंगल के सबसे घने हिस्से को पार करते ही, कोहरे की चादर फटी और सामने खड़ी ...
अवनि ने अपनी नज़रें झुका लीं, पर उसने अपना हाथ पीछे नहीं खींचा। उसे महसूस हो रहा था कि ...
कालू की आवाज़ किसी फटे हुए नगाड़े की तरह गूँजी। उसका क्रोध अब सातवें आसमान पर था। उसकी काली ...
पंडित विश्वनाथ की बातें सुनकर पूरी सभा में सन्नाटा तो खिंच गया, लेकिन वहां खड़े कुछ बड़े मंत्री और ...
जब वे वहाँ पहुँचे, तो नज़ारा दहला देने वाला था। दिग्विजय की पुलिस सुरक्षा, यज्ञेश के हथियारबंद लोग और ...
रसोई का रहस्यकमरे में सन्नाटा इतना गहरा था कि रोशनी को अपनी ही धड़कनें किसी नगाड़े की तरह सुनाई ...