अंकुर और पंखुड़ी अच्छी तरह समझ चुके थे कि इस चक्रव्यूह को गाड़ी में बैठकर पार करना नामुमकिन है।कातिल ...
100 साल पुराना वह अभिमंत्रित ताला एक भयंकर धमाके के साथ टूट चुका था।चारों ओर काला धुआं फैल रहा ...
मोहित की उलझन और रोशनी का रहस्यमोहित जो अब तक बड़े ध्यान से रोशनी की बातें सुन रहा था, ...
वह काबिल-ए-तारीफ है। लेकिन सबसे अच्छी बात जानते हो क्या है? इतनी शोहरत के बाद भी वह बहुत ही ...
फोन कटने के बाद श्मशान घाट पर सन्नाटा इतना गहरा था कि किसी के सांस लेने की आवाज भी ...
तहखाने की गूंज और रूपमती का बदला रूपदेवपुर के उस अंधेरे, सीलन भरे और सील किए गए गुप्त तहखाने ...
लंच ब्रेक: खामोशी के पीछे का शोरलंच की घंटी बजते ही पूरी क्लास में एक अजीब सी हलचल मच ...
उधर हजारों फीट की ऊंचाई पर आसमान को चीरता हुआ देवपुर के शाही परिवार का लग्जरी 'प्राइवेट जेट' भारत ...
चट्टोपाध्याय और अब्दुल कासिम का गुस्सा सातवें आसमान पर था।वे लगातार चिल्लाते हुए कमिश्नर भाटी, अंकुर और पंखुड़ी की ...
माँ: "चलो बेटा, हमारे साथ चलो। अब यहाँ रुकने का मतलब सिर्फ अपनी और बेइज़्ज़ती करवाना है।हमारी दिल्ली की ...