अगले दिन शाम कोपुराने स्पोर्ट्स ग्राउंड की बाउंड्री वॉल के पासआर्यन के दोस्त जमा थे—रघु, अमन और तीन–चार और ...
भिखारी का रूप अचानक बदल गया।उसका जर्जर और घावों से भरा शरीर अब तेजोमय हो उठा। उसके अंगों से ...
कुछ महीने बाद...वही रोशनी, वही खुशी,लेकिन इस बार मंच नहीं — मंडप सजा था।सामने बैठी थी एंजल —सालों बाद, ...
दिन ढल रहा था और महल की ओर जाने वाले मार्ग पर हल्की धूप बिखरी हुई थी। तभी समाचार ...
एक दिन उनके राज्य में एक भिखारी आ पहुँचा। उसके कपड़े फटे-पुराने थे और उसकी त्वचा पर बड़े-बड़े फोड़े-फुंसियाँ ...
बहुत समय पहले एक राजा हुआ करते थे। राजा अत्यंत धर्मपरायण और न्यायप्रिय थे। उनके राज्य में प्रजा सुखी ...
वो चुंबन जिसे कार्तिक झेलने को मजबूर थाकुछ बातें ऐसी होती हैं जिन्हें हम चुनते नहीं…कुछ रास्ते ऐसे होते ...
वो सर्दियों की ठंडी शाम थी जब गांव की गलियों में हल्की धुंध तैर रही थी।और वहीं से शुरू ...
वो जब तक बाहर बैठा आसमान को निहारता रहा ।आसमान के चमकते ये सितारों में ,वह एक चेहरा खोजता ...
भीड़-भाड़ भरी कैंटीन में,कार्तिक एक कोने की खिड़की के पास बैठा था।उसकी नीली गहरी आँखें किताब के पन्नों पर ...